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मास्क पहनकर ही निकलें अपने घर से बाहर, लापरवाही से संक्रमण का बढ़ सकता है खतरा



कोरोना के संक्रमण से बचाव का है मास्क का उपयोग सबसे प्रभावी तरीका 
धार्मिक स्थलों पर जाने से बचें  
बिना मास्क पकड़े जाने पर भरना होगा जुर्माना 

पूर्णियाँ/ 6 जुलाई: 

अब पूरे देश में अनलॉक का दूसरा चरण चल रहा है. अनलॉक 1.0 अवधि में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. संक्रमण के बढ़ते मामलों पर लोगों द्वारा सतर्कता नहीं बरतने की स्थिति में कोरोना भविष्य में और विकराल रूप ले सकती है. यद्यपि सरकार द्वारा कोरोना से बचाव को लेकर जागरूकता हर स्तर पर फैलाई जा रही है, लेकिन आम लोगों को भी अपने स्तर पर पहले से कहीं अधिक सावधान होने की जरूरत है. 

मास्क लगाकर खुद को और अपने परिवार को संक्रमण से बचाएं:

जागरूकता की कमी और जानबूझकर बरती जा रही लापरवाही कोरोना से जंग लड़ने में सबसे बड़ी बाधक बन रही है. जनमानस संक्रमण के खतरों को जानते हुए भी लापरवाह और संवेदनहीन प्रतीत हो रहे हैं. यह स्थिति दिनोदिन गंभीर बनती जा रही है. ऐसी विषम परिस्थति में  लोग मास्क पहनने में भी कोताही कर रहे हैं. अनलॉक की अवधि की शुरुआत से ही सड़कों और सार्वजानिक जगहों पर भीड़ देखी जा रही है. लोग अनावश्यक भी सड़कों पर घुमते दिखाई पढ़ रहे हैं और ऐसे में मास्क का प्रयोग अत्यंत आवश्यक है. भीड़ वाली जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना कठिन होता है और ऐसे में खुद को संक्रमण से बचाने का मास्क सबसे प्रभावी तरीका है.

मास्क उपयोग को लेकर प्रशासन ने अपनाया कड़ा रुख:

मास्क उपयोग को बढ़ावा देने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता वाहन द्वारा प्रचार प्रसार किया जा रहा है. संक्रमण की बढ़ती रफ़्तार को थामने एवं लोगों को मास्क के उपयोग की आदत डालने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रवैय्या अपनाया है. घर से बाहर बिना मास्क के पकड़े जाने पर 50 रुपये पेनल्टी का प्रावधान किया गया है. इसलिए अगर घर से बाहर निकल रहे हैं तो यह सुनिश्चित करें की आपने मास्क लगाया हुआ हो. जिला प्रशासन ऐसी दुकानों पर भी नजर रख रखी है , जहाँ काम के समय मास्क का उपयोग नहीं किया जा रहा है. त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन द्वारा दुकानों को बंद भी कराया जा रहा है. 

धार्मिक स्थलों पर जाने से बचें:

सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है. लोग धार्मिक स्थलों में पूजा पाठ के लिए जाने लगे हैं. ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है इसलिए अपनी धार्मिक भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए घर में ही पूजा अर्चना करने का प्रयास करें. सरकार द्वारा पवित्र ज्योतिर्लिंगों के ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की गयी है ताकि भक्तजन घर से ही अपने इष्टदेव की दर्शन कर पूजा करें. धार्मिक स्थलों पर भीड़ न जुटे इसके लिए प्रशासन भी निरंतर कार्रवाई कर रही है और लोगों को घर से ही पूजा करने की सलाह दे रही है.

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