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इंडो-नेपाल बॉर्डर पर ठोरी के समीप सीमा सीमांकन के लिए लगाए गए पिलर को नेपालियों ने उखाड़ा



इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित ठोरी के समीप सीमा सीमांकन के लिए लगाए गए पिलर संख्या 436 को शनिवार को नेपालियों ने उखाड़ दिया। सीता गुफा के नजदीक लगे इस पिलर के उखाड़ने मामला गरमा गया है। नेपाल स्थित ठोरी में सोमवार को नेपाली के पीएम व राष्ट्रपति के सीता गुफा के समीप आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। नेपाली पीएम-राष्ट्रपति के आने की चर्चा व पिलर उखाड़े जाने से भारतीय क्षेत्र के लोग आश्चर्यचकित हैं।
एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट शैलेश कुमार ने बताया कि शनिवार की दोपहर तक वह पिलर अपनी जगह पर सुरक्षित था। दोपहर बाद वह उसी जगह पर गिरा पाया गया। भिखनाठोरी के लोगों की सूचना पर एसएसबी की टीम के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पिलर उखाड़ने का खुलासा हुआ। मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं उखड़े हुए पिलर की निगरानी की जा रही है। कमांडेंट का मानना है कि पिलर मजबूती से गाड़ा हुआ था। कई लोग मिलकर ही उसे उखाड़ सकते हैं। अब वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद पिलर को फिर से उसी जगह पर गाड़ा जाएगा।
नेपाली पीएम व राष्ट्रपति के कल आने की चर्चा
नेपाली प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के सोमवार को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ठोरी में आने की चर्चा जोरों पर है। सीमा पार के सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि नेपाली राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री सीता गुफा जाएंगे और मंदिर की आधारशिला रखेंगे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है। सीमाई सूत्रों का कहना है कि शायद मंदिर निर्माण के लिए ही पिलर को उखाड़ा गया है। उनका कहना है कि सीमा सीमांकन के लिए लगे पिलर संख्या 436 को उखाड़ देने के बाद वहां काफी जगह खाली हो गयी है।
मुझे पूरे मामले की जानकारी नहीं है। वस्तुस्थिति की जानकारी लेने के लिए कमांडेंट को भिखना ठोरी भेजा गया है। स्थल निरीक्षण के बाद ही इस मामले में कुछ कह सकता हूं।
 - सुनील कुमार धानी, डीआईजी, एसएसबी, बेतिया सेक्टर।  

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