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मनरेगा योजना में देर रात्रि जेसीबी से खुदाई से आक्रोशित ग्रामीणों ने रोका कार्य,ग्रामीणों को मुखिया पति की धमकी जहाँ जाना है जाओ मेरा कुछ नही होगा।




 संवाददाता बेतिया से घनश्याम  की रिपोर्ट 

पश्चिमी चंपारण । एक तरफ जहां कोरोना जैसी महामारी में बिहार के मुखिया नीतीश कुमार मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार देने की बात कह रहे है वही दूसरी तरफ पश्चिमी चंपारण जिले के एक मुखिया प्रतिनिधि मनरेगा योजना के तहत नहर खुदाई में चोरी से रात में जेसीबी से नहर की खुदाई करा रहे है।इतना ही नही जब स्थानीय ग्रामीण रात में जेसीबी से हो रहे कार्य को बंद कराने पहुंचे तो मुखिया पति के द्वारा उल्टे ग्रामीणों को ही धमकी दी गयी कि जहाँ जाना है जाओ मेरा कुछ नही होनेवाला है।

मामला पश्चिमी चंपारण जिले के मझौलीया प्रखंड के जौकटिया पँचायत का है।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पँचायत के वार्ड नंबर 9 और 10 में  मनरेगा योजना के तहत नहर की खुदाई का कार्य विगत एक सप्ताह से दक्षिणी छोर से चल रहा था जिसमे पँचायत  के ही लोगो को लगाया गया था इसी बीच स्थानीय मुखिया पति जो मुखिया प्रतिनिधि है उनके द्वारा उतरी छोर से जेसीबी मशीन द्वारा विगत 4 दिन से रात में खुदाई की जा रही थी।

रात्रि में जेसीबी से खुदाई को लेकर आक्रोशित  ग्रामीणों ने पहुंचकर कार्य बंद कराया।उग्र ग्रामीणों ने जेसीबी का चाबी भी छीन लिया और अपने अपने घर चले गये।फिर ड्राइवर रात में ही जेसीबी को लेकर चलता बना।आक्रोशित ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर एक आवेदन मझौलिया  बीडीओ ,मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी समेत जिलाधिकारी बेतिया और उपविकास आयुक्त को दिया है।वही इस मामले मनरेगा के पँचायत रोजगार सेवक मुकेश कुमार ने कहा कि उन्हें यह भी नही पता कि मनरेगा के तहत कार्य कराया जा रहा है। जिस जगह पर कार्य हो रहा था वहाँ का ना ही जिओ टैगिंग हुआ है  और ना ही मास्टर रॉल बना है।वही इस संदर्भ में मझौलिया के मनरेगा पीओ संदीप कुमार ने बताया कि आवेदन मिला है मामले की जांचकर दोषीयों पर कार्रवाई की जाएगी।

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