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अनलॉक-1: इन नियमों के साथ 8 जून से खुल जाएंगे पटना के मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारा

अनलॉक-1 के तहत 8 जून से धार्मिक स्थलों की तालाबंदी खत्म होगी। करीब 78 दिनों के बाद मंदिर, मस्जिद, चर्च व गुरुद्वारा खुल जाएंगे। हालांकि अब कोरोना महामारी के चलते पूजा-अर्चना पहले की तरह नहीं हो सकेगी। धार्मिक स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन व मास्क लगाना होगा। 
महावीर मंदिर
लगभग तीन सौ वर्ष प्राचीन व देश के प्रमुख मंदिरों में शुमार महावीर मंदिर पटना जंक्शन सोमवार से आम श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा। अभी सुबह छह बजे से रात्रि नौ बजे तक ही दर्शन पूजन हो सकेंगे। पहले यह प्रात: 5 बजे से रात्रि ग्यारह बजे तक (मंगलवार को 12 बजे तक) खुला रहता था। महावीर मंदिर न्यास पटना के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने शुक्रवार को बताया कि भक्तों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने को पर्याप्त पुलिसबल की प्रतिनियुक्ति जरूरी है।
आचार्य कुणाल के मुताबिक भक्तों को मास्क पहनकर आना होगा। महावीर मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश अल्फाबेट के आधार पर किया गया है। रविवार को वे लोग आएंगे जिनके नाम अंग्रेजी के अल्फाबेट के पांच अक्षर ए,बी,सी,डी और ई से प्रारम्भ होते हैं। सोमवार को एफ,जी,एच,आई, जे नाम वाले, बुधवार को के, एल, एम, एन, ओ नाम वाले, गुरुवार को पी,क्यू, आर, एस, टी व शुक्रवार को यू,वी,डब्ल्यू,एक्स,वाई और जेड से प्रारम्भ होने वाले नामधारी आएंगे। प्रथम चार दिन पांच-पांच अक्षर और अंतिम दिन आखिरी छह अक्षर से आना है। अक्षरों की गिनती नाम के प्रथम अक्षर से मानी जायेगी। जैसे किसी का नाम रार्म ंसह है, तो वह आर से गिना जायेगा एस से नहीं। यदि पति-पत्नी साथ आते हैं तो पत्नी के नाम का पहला अक्षर मान्य होगा।
क्राइस्ट चर्च : प्रार्थना सभा में लोगों के बीच एक मीटर की दूरी रहेगी  
चर्च को भी खोलने की तैयारी शुरू हो गयी है। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर तैयारी की जा रही है। प्रार्थना करने वाले डैस में दूरी रखी जायेगी तो वहीं प्रार्थना सभा में शामिल सभी लोगों के बीच एक मीटर की दूरी रखी जायेगी। चर्च में मास्क लगाकर आना अनिवार्य होगा तो सेनेटाइजर की व्यवस्था चर्च प्रशासन की तरफ से की जाएगी। लेकिन ये सारा कुछ अगले सप्ताह से होगा, क्योंकि चर्च में शनिवार शाम और रविवार सुबह प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है। चूंकि इस सप्ताह चर्च नहीं खुलेगा, इस कारण यह तैयारी अगले सप्ताह से होगी। क्राइस्ट चर्च के फादर मनोज ने बताया कि अभी तक डायसिस से हमें कोई गाइडलाइन नहीं भेजी गई है। सोशल डिस्र्टेंंसग का पालन करके ही प्रार्थना सभा आयोजित की जायेगी। सेनेटाइजर लगाकर ही प्रार्थना कक्ष में प्रवेश मिलेगा। लॉकडाउन में तमाम चर्च बंद कर दिये गये थे। इस दौरान ऑनलाइन ही प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है। 
तख्त साहिब में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मत्था टेक सकेंगे श्रद्धालु
अब तख्तश्री हरिमंदिरजी में मत्था टेकने से पहले श्रद्धालुओं को थर्मल स्क्रीनिंग और सेनेटाइजेशन कराना होगा। इसके लिए परिसर में सेवादार तैनात रहेंगे। जो श्रद्धलुओं को सेनेटाइज करने के बाद ही दरबार साहिब में जाने की इजाजत देंगे। तख्त श्रीहरिमंदिरजी प्रबंधक कमेटी के महासचिव सरदार महेन्द्रपाल सिंह ढिल्लन ने कहा कि पूरे परिसर की सफाई करायी जा रही है। सोमवार से श्रद्धालुओं को मत्था टेकने की अनुमति दी जाएगी। लेकिन इसके पहले श्रद्धालुओं को संक्रमण से बचाव का पूरा प्रबंध किया जाएगा। परिसर में ड्यूटी कर रहे सेवादारों को भी मास्क का उपयोग हर हाल में करने का निर्देश दिया गया है। दरबार साहिब में कथा, कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं को दूरी बनाकर बैठने की व्यवस्था रहेगी। साथ ही भीड़ अधिक होने पर बारी-बारी से दरबार में प्रवेश कराया जाएगा। तख्त परिसर में तीन बार सफाई की जाएगी।
सिद्धशक्तिपीठ में श्रद्धालुओं के घंटी बजाने पर रहेगी रोक 
सिद्धशक्तिपीठ छोटी पटनदेवी में भी मइया के दर्शन पूजन की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए मंदिर की ओर से नीम, फिटकरी आदि से प्राकृतिक सेनेटाइजर तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को सेनेटाइज किया जाएगा। सेवायत आचार्य अभिषेक अनत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर में प्रतिमा के स्पर्श की अनुमति नहीं होगी। ना ही श्रद्धालु घंटी बजा सकेंगे। मंदिर परिसर में एक बार में पांच श्रद्धालुओं को ही प्रवेश कराया जाएगा। जो निश्चित दूरी से ही मइया का दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालु प्रसाद आदि पात्र में रखेंगे। जहां से पुजारी माता का स्पर्श करा कर उन्हें प्रसाद सौंप देंगे। सेवायत ने कहा कि मंदिर परिसर में सफाई का दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं को घंटी, प्रतिमा समेत अन्य वस्तुओं को स्पर्श करने से मना किया जाएगा। इसके लिए घंटी को कपड़ा से ढंका जा रहा है। 
सरकार की गाइडलाइन के अनुसार होगी नमाज
मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए मास्क लगाना अनिवार्य होगा। वहीं दस वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों पर अब भी मस्जिद में नमाज पढ़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। वहीं पटना के जामा मस्जिद में भी मस्जिद के कमेटी के सदस्यों ने बैठक करके निर्णय लिया कि किस तरह से नमाज अदा की जायेगी। पटना जामा मस्जिद के कमेटी के सदस्य मो. जाकिर हुसैन ने बताया कि सरकार के आदेश के बाद से मस्जिद में नमाज नहीं हो रही थी। सरकार के आदेश के बाद ही आठ जून से मस्जिद खोली भी जायेगी। पूर्ण रूप से केंद्र सरकार, राज्य सरकार व वफ्फ बोर्ड के द्वारा जो गाइडलाइन जारी की गयी है, उसका पालन होगा।
मस्जिद में किस तरह से नमाज होगी, उसकी सूची बनाकर वफ्फ बोर्ड को भेज दी गयी है। मुख्य गेट पर ही स्क्र्रींनग की व्यवस्था होगी। एक रास्ते से लोग प्रवेश करेंगे, नमाज पढ़ने के बाद दूसरे रास्ते से बाहर निकलेंगे। बिना मास्क के मस्जिद में प्रवेश प्रतिबंध रहेगा। साथ ही मस्जिद के जनिमाज, चटाई को हटा दिया गया है। 10 वर्ष से कम और 60 से ऊपर के लोगों से मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ने की अपील की गयी है।  मस्जिद में बजू के लिये एक बाहर में पाइप पानी का निकाला गया है, ताकि बाहर से आने वाले सभी लोग पहले हाथ-पैर धो लें, बजू बना लें। इसके साथ ही जो मस्जिद के अंदर आकर मार्केट के लोग पानी ले जाते थे, इनके लिए भी बाहर ही व्यवस्था की गई है। गुरुवार तक यह ट्रायल के रूप में रखेंगे। फिर गुरुवार को बैठक होगी, इसके बाद निर्णय लिया जायेगा कि शुक्रवार को मस्जिद में जुमा की नमाज एक जमात में होगी या दो जमात में।  

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