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लॉकडाउन बढ़ेगा या हटेगा? PM मोदी ने मुख्यमंत्रियों से क्या कहा, मुख्यमंत्रियों ने मोदी से क्या कहा?



देश में 25 मार्च से जारी 54 दिन का लॉकडाउन 17 मई को समाप्त होने वाला है. देश में कोरोना के मामले करीब 71 हजार हैं. लॉकडाउन को बढ़ाया जाएगा या नहीं इस बारे में फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है. इस बीच सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की और 17 मई के बाद उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की. लॉकडाउन को पूरी तरह नहीं हटाने, बल्कि प्रतिबंधों में धीरे-धीरे छूट देने का संकेत देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा कि उनका दृढ़ मत है कि लॉकडाउन के पहले तीन चरणों में जिन उपायों की जरूरत थी, वे चौथे में जरूरी नहीं हैं.

दुनिया विश्वयुद्ध की भांति ही कोरोना पूर्व, कोरोना बाद, के रूप में होगी

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा, हमारे सामने दो चुनौतियां है. इस बीमारी के संक्रमण की दर घटाना और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सार्वजनिक गतिविधियों को धीरे-धीरे बढ़ाना. सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार मोदी ने कहा कि एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखना ही कोरोना वायरस से लड़ने के लिए तबतक हथियार है जबतक हम टीका या हल नहीं ढूंढ़ नहीं लेते. उन्होंने कहा, हमें समझना होगा कि दुनिया कोविड-19 के बाद बदल गयी है. अब दुनिया विश्वयुद्ध की भांति ही कोरोना पूर्व, कोरोना बाद, के रूप में होगी. और , हम कैसे काम करते हैं, उसमें इससे कई अहम बदलाव होंगे.
पीएम मोदी ने कोविड-19 के साथ लड़ाई में सभी मुख्यमंत्रियां को सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि 15 मई तक आप बताएं कि आपमें से हरेक अपने-अपने राज्य में लॉकडाउन को कैसे संभालना चाहता है. मैं चाहता हूं कि लॉकडाउन के दौरान और उसमें क्रमिक ढील के बाद चीजों से कैसे निपटेंगे, उसका आप ब्लूप्रिंट बनाएं. प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के सुझावों के आधार पर ही आगे का रास्ता तय होगा.

बिहार झारखंड के मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से क्या कहा

सूत्रों के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस महीने के अंत तक लॉकडाउन बढ़ाने की मांग की. उन्होंने सामान्य रेल सेवा बहाल करने का विरोध भी किया. इसके साथ-साथ उन्होंने प्रवासी बिहारियों को वापस घर लाने के लिए और ट्रेनों कि मांग भी की. हर दिन 10 हजार लोगों के सैम्पल टेस्ट करने के लिए मशीन और किट की भी मांग दोहराई. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार कोरोना वायरस के इस संकट काल में केन्द्र के हर फैसले के साथ है. वह केन्द्र के हर परामर्श का अक्षरशः पालन करती आ रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री से मनरेगा में दी जाने वाली मजदूरी बढ़ाने और श्रमिकों को दिये जाने वाले कार्यदिवस बढ़ाने की भी अपील की.

इन राज्यों ने किया ट्रेन सेवाओं का विरोध

तमिलनाडु में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के.पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि 31 मई तक ट्रेन सेवाओं की अनुमति न दें. तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, एक तरफ तो केंद्र चाहता है कि लॉकडाउन को कड़ाई से लागू किया जाए जबकि दूसरी तरफ वह ट्रेन सेवाएं बहाल कर रहा है और भू-सीमाएं खोल रहा है. लॉकडाउन को जारी रखने की क्या तुक है जब रेलवे, भू-सीमाएं और अन्य क्षेत्रों को खोलने की इजाजत दी जाती है. यह विरोधाभासी है.

इन मुख्यमंत्रियों ने कहा- लॉकडाउन बढ़े मगर......

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की पैरवी करते हुए कहा कि लॉकडान से बाहर निकलने के लिए सावधानीपूर्वक रणनीति बनाई जाए और राज्यों को वित्तीय सहयोग दिया जाए. बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निषिद्ध क्षेत्रों को छोड़कर राष्ट्रीय राजधानी में आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी जानी चाहिए. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि आपात सेवाओं के कर्मचारियों के लिए मुंबई में लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएं. उद्धव ने कहा कि इस महीने या जून और जुलाई में भी कोरोनोवायरस के मामले चरम पर होने की उम्मीद है. उन्होंने सुझाव दिया कि लॉकडाउन पर कोई कार्रवाई सावधानी से की जानी चाहिए.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य सरकारों को अपने राज्यों के भीतर आर्थिक गतिविधियों से निपटने के बारे में निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए. केरल के केरल मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि रेल, सड़क और हवाई यातायात की अनुमति दी जानी चाहिए, लेकिन बहुत कड़ी निगरानी में. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू समेत कई मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल हुए.

लॉकडाउन का सफर...एक नजर में

प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ पिछली बार 27 अप्रैल को बातचीत किये जाने के बाद से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है, जो 28,000 के आंकड़े से बढ़ कर करीब 71,000 के करीब पहुंच गई है. बैठक के कुछ दिनों बाद केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि और दो हफ्तों के लिये 17 मई तक बढ़ा दी थी. हालांकि, आर्थिक गतिविधियों और लोगों की आवाजाही में कुछ छूट दी गई थी. राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 25 मार्च से लागू है. लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई को समाप्त होने से कुछ ही दिन पहले यह बैठक हुई है. दूसरा चरण तीन मई को समाप्त हुआ था, जबकि पहला चरण 14 अप्रैल को समाप्त हुआ था.

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