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बिहार : नीतीश कुमार का लॉकडाउन में फंसे लोगों को राहत का ऐलान, जानें पांच बड़ी बातें



बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि बिहार आने वाले सभी प्रवासी मजदूरों को सारा खर्च राज्य सरकार देगी। बिहार में 21 दिनों तक क्वारंटाइन सेंटर में रहने के बाद वहां से निकलेंगे तो वे जिस राज्य में फंसे हुए थे, उनको वहां से यहां तक आने में जितना भी पैसा लगा है, चाहे रेल का भाड़ा हो या अन्य प्रकार से कोई उनका पैसा लगा हो, सभी दिए जाएंगे। साथ ही उसके अलावा 500 रुपये और उन्हें दिए जाएंगे। हर व्यक्ति को दी जाने वाली यह राशि न्यूनतम एक हजार होगी।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने जान-बूझकर कोई घोषणा इस संबंध में पहले नहीं की, क्योंकि हमारी सरकार का विश्वास बोलने में नहीं, बल्कि सिर्फ काम करने में है। हमलोगों के सुझाव पर बिहार के रहने वाले प्रवासी जो बाहर फंसे हुए हैं, चाहे छात्र हों या फिर मजदूर हों। उन्हें रेलगाड़ी के माध्यम से वापस लाया जा रहा है। इसके लिये उन्होंने केन्द्र सरकार को धन्यवाद दिया है। कहा कि पिछले दो दिनों से यह सिलसिला जारी है। इस व्यवस्था से लोगों को आने में सहूलियत हो रही है।
बयानबाजी को देखते हुए जानकारी साझा की  
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे बिहार के लोग जो बिहार के बाहर फंसे थे, उनको हमलोगों ने एक हजार रुपये देने का निर्णय किया। इसको लेकर जो भी आवेदन आए उन पर विचार करते हुए लगभग 19 लाख लोगों के खाते में राशि भेजी जा चुकी है। अब जिन कुछ लोगों का आवेदन बचा हुआ है, उसकी जांच के बाद शीघ्र राशि भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमलोग जो भी काम करते हैं, लोगों के हित में करते हैं और चाहते हैं कि ये काम हो। हमने सोचा था कि लोगों को लाभ मिलता तो वे अपने आप बताते लेकिन इधर काफी बयानबाजी हो रही है। इसको देखते हुए हमने सोचा कि इन सब बातों की जानकारी साझा करना आवश्यक है। गौरतलब हो कि विपक्ष इसको लेकर आरोप लगा रहा था कि सरकार उद्योगपतियों को राहत दे रही है, वहीं मजदूरों और छात्रों को अपना किराया देना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने इन तमाम आशंकाओं को खारिज कर दिया।
छात्रों का भाड़ा रेलवे को बिहार सरकार दे रही
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि कोटा से जो ट्रेन आनी शुरु हुई है, जिसमें छात्र-छात्राएं आ रहे हैं, उनको कोई रेल का भाड़ा नहीं देना होगा। इसके लिए राज्य सरकार रेलवे को पैसा दे रही है। उन्होंने कहा कि बिहार के जो भी लोग बाहर मजदूर के रुप में काम करते हैं या अन्य प्रकार से बाहर फंसे हुए हैं। उनके वापस आने के संबंध में केंद्र सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट-2005 के अंतर्गत गाइडलाइन जारी की है। उस गाइडलाइन में उन्होंने स्पष्ट तौर पर सारी बातें कह दी है कि कौन लोग आएंगे, किस तरह से आएंगे। इसके बारे में हमारे अधिकारियों ने भी विस्तृत जानकारी दे दी है। इसमें किसी प्रकार का कोई कन्फ्यूजन नहीं रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री की पांच प्रमुख बातें :
-बाहर से आने वाले हर व्यक्ति को न्यूनतम एक हजार दिए जाएंगे
-21 दिनों बाद क्वारनटाइन में रहने के बाद जाते समय दी जाएगी राशि  
- हमारी सरकार का विश्वास बोलने में नहीं बल्कि सिर्फ काम करने में
-क्वारनटाइन सेंटर में लोगों के लिए सभी तरह के इंतजाम किए गए हैं
-बिहार के अधिकांश लोग लॉकडाउन के नियमों का पालन कर रहे हैं  

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