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दरभंगा: पुलिसकर्मी ने डॉक्टर को कॉलर पकड़ घसीटते हुए ओपीडी से किया बाहर



जाले रेफरल अस्पताल में शनिवार सुबह लगभग पौने सात बजे जाले थाने के एएसआई परिजन पासवान ने जाले पीएचसी में पदस्थापित चिकित्सक डॉ. रामप्रीत राम के साथ दुर्व्यवहार किया। चिकित्सक के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहने पर एएसआई ने थानाध्यक्ष की मौजूदगी में उनका कॉलर पकड़कर घसीटते हुए ओपीडी से बाहर कर दिया। 
यह दृश्य देख स्वास्थ्य कर्मी आक्रोशित हो उठे और उन्होंने चिकित्सकीय सेवा को ठप कर दिया। सूचना मिलने पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगेश झा मौके पर पहुंचे। उनके समझाने-बुझाने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने आपातकालीन सेवा को शुरू किया। बाद में सीएस डॉ. संजीव कुमार सिन्हा और सदर एसडीपीओ अनोज कुमार भी मामले की छानबीन के लिए पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली। 
सीएस ने बताया कि चिकित्सक से दुर्व्यवहार करने व सरकारी काम में बाधा डालने वाले एएसआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए थाने में आवेदन दिया गया है। वहीं, एसएसपी बाबू राम ने कहा कि इस मामले में संबंधित डॉक्टर से आवेदन मिलने पर समुचित कार्रवाई की जाएगी। कमतौल के सर्किल इंस्पेक्टर को पूरे मामले की जांच के लिए कहा गया है। संबंधित पुलिस पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्ष अगर कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन देते हैं तो आवश्यक कार्रवाई कर कोर्ट में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा डीएमसीएच में संबंधित पुलिस पदाधिकारी की मनोचिकित्सक से काउंर्सिंलग भी कराई जाएगी। 
क्या है पूरा मामला 
पीड़ित डॉ. रामप्रीत राम के अनुसार एएसआई परिजन पासवान सुबह में चार कैदियों को लेकर ओपीडी में पहुंचे। उन कैदियों के चेहरे पर मास्क नहीं था। साथ ही उनकी कमर में रस्सा बंधा हुआ था जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हो रहा था। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग के तहत कैदियों का चेकअप करना शुरू किया, लेकिन एएसआई सभी को टेबल पर लिटाकर चेकअप करने का दबाव बना रहे थे।  एएसआई से अनुरोध किया गया कि वे सभी को मास्क पहनाकर या चेहरे पर रूमाल बांधकर लाएं। इस बात पर एएसआई आग बबूला हो उठे। इसके बाद एएसआई ने थानाध्यक्ष की मौजूदगी में उनका कॉलर पकड़कर उन्हें घसीटते हुए ओपीडी से बाहर ले गये। उनके साथ धक्कामुक्की भी की। यह सारा वाकया सीसीटीवी में भी कैद है। यह दृश्य देख जाले रेफरल अस्पताल और पीएचसी में पदस्थापित स्वास्थ्य कर्मी आक्रोशित हो उठे और उन्होंने चिकित्सकीय सेवा को ठप कर दिया। 
इधर, एसएसपी बाबू राम का कहना है कि जाले थाना गैंगरेप मामले में रातभर छापेमारी में चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई थी। संबंधित पुलिस पदाधिकारी चारों अभियुक्तों को लेकर मेडिकल चेकअप करवाने गए थे। डॉक्टर ने मास्क नहीं पहने होने के कारण उनकी जांच करने से इनकार कर दिया। पुलिस पदाधिकारी ने डॉक्टर से ही अभियुक्तों को मास्क उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस पर डॉक्टर ने कहा कि मास्क मेरे पास उपलब्ध नहीं है। इन्हें मास्क पहनाकर लाइए तभी जांच होगी। इस पर संबंधित पुलिस पदाधिकारी ने चिढ़कर तथाकथित रूप से डॉक्टर के साथ धक्कामुक्की की।

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