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पहाड़पुर: मौत ने छीनी परिवार की खुशियां, मदद के लिए ईद पर मसीहा बनकर आए समाजसेवी सर्वेश तिवारी


पहाड़पुर से राजू कुमार पांडेय की रिपोर्ट

पहाड़पुर, 24 मई 2020 : कोरोना वायरस का प्रकोप एक ओर जहां पांव पसारे जा रहा है तो दूसरी और समाजसेवी सर्वेश तिवारी जैसे लोग भी हैं, जो महामारी के खिलाफ जंग में मसीहा बनकर उभरे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर जरूरतमंदों की मदद के लिए अभियान चलाने वाले सर्वेश तिवारी स्थानीय स्तर पर भी मुश्किलों का सामना कर रहे परिवारों की दिल खोलकर मदद कर रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को समाजसेवी ने 5 दिन पहले सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पूर्वी चंपारण के गांव बनकट नरकटिया निवासी जुल्म अली के परिवार को गोद लेकर समाज के सामने मिसाल कायम किया है। मुसीबातों में फंसे लोगों की लगातार मदद कर रहे समाजसेवी ने दिवंगत जुल्म अली के नौ सदस्य वाले परिवार को गोद लिया और 3 लाख रुपए की आर्थिक मदद कर रमजान के पाक महीने में परिवार की खुशियां लौटाई है।

बता दें कि, गांव बनकुट नरकटिया निवासी जुल्म अली पश्चिम बंगाल के कोलकाता में रुई धुनाई का काम कर परिवार चलाता था। लॉकडाउन के कारण रोजी-रोटी की दिक्कत हुई तो गांव लौट रहा था। जिस क्रम में विगत मंगलवार को भागलपुर के नवगछिया में हुई सड़क दुर्घटना में उसकी जान चली गई। परिवार के एकलौते कमाने वाले की मौत से उसके सात बच्चे, गर्भवती पत्नी जैबुन खातून और विकलांग पिता गफ़ूर मियां के ऊपर न सिर्फ मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा, बल्कि उनके सामने परिवार चलाने के लिए आर्थिक तंगी भी आड़े आ गई। ऐसे में मदद के लिए हाथ बढ़ाने वाले समाजसेवी सर्वेश तिवारी पीड़ित परिवार के लिए मसीहा की तरह आए और परिवार के भरण-पोषण का जिम्मा उठाया।

पहल को लेकर समाजसेवी सर्वेश तिवारी ने बताया कि, “जुल्म अली घर का एकलौता कमाने वाला था ऐसे में परिवार के सामने गुजर-बसर का संकट आना लाज़मी है। उसका बड़ा बेटा भी सिर्फ 12 साल का है और परिवार का भरण-पोषण करने वाला कोई नहीं है। मैंने परिवार को तीन लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है। चूंकि घर चलाने के लिए प्रतिमाह पैसों की जरूरत होती है इसलिए मैंने तय किया है कि अगले 5 साल तक परिवार को प्रतिमाह 5 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। इस तरह से हर साल 60 हजार रुपए और 5 साल में 3 लाख रुपए की सहयता की जाएगी। इसकी शुरुआत आज से ही कर दी गई है और आगे से भी प्रत्येक माह की 24 तारीख को 5,000 रुपए जैबुन खातून के अकाउंट में भेजे जाएंगे।“

मालूम हो कि कोरोना महामारी के समय में मुसीबत में फंसे परिवारों की मदद के लिए समाजसेवी सर्वेश तिवारी लगातार मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं। इस से पूर्व भी माता-पिता को खो चुके पहाड़पुर क्षेत्र के उत्तरी नोनेया निवासी विवेक साह और पकड़िया के 3 बच्चों को गोद ले चुके हैं। साथ ही देश भर में फंसे चंपारण के हजारों मजदूरों को राशन और आर्थिक मदद मुहैया करा रहे हैं। यही नहीं, उरी अटैक में शहीद हुए जवान के परिवार को भी उन्होंने लिया गोद लिया है और परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद कर चुके हैं। साथ ही दिव्यांग बच्चों को भी गोद लेकर उनकी पढ़ाई-लिखाई के साथ जीवन-यापन का खर्च उठा रहे हैं।

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