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बिहार: खेत में फसल की रखवाली कर रहे बाप-बेटे को धारदार हथियार से काटा




बिहार के कैमूर जिले में जंगली जानवरों से सब्जी और फसल की रखवाली कर रहे पिता-पुत्र की निर्मम हत्या कर दी गई। यह घटना बेलांव थाना क्षेत्र के तरांव गांव के बधार में शुक्रवार की रात में हुई। मृतकों में 75 वर्षीय बंशी प्रसाद व उनके बड़े बेटे 45 वर्षीय ललन प्रसाद शामिल हैं। वह तरांव गांव के ही निवासी थे। मृतकों के पेट, सीना, गर्दन आदि शरीर के अंगों पर धारदार हथियार से हमला करने और लाठी से पीटे जाने जैसे निशान नजर आ रहे थे। बंशी एनटीपीसी में कर्मी थे, जो रिटायर्ड हो चुके थे।

इस घटना की जानकारी परिजनों को शनिवार की भोर में पांच बजे तब हुई जब मृत बंशी का छोटा बेटा शेषनाथ खेत पर गया। उसने देखा कि खून से लथपथ पिता व भाई की लाशें खाट पर पड़ी हैं। शवों को देख वह रोने-चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुन ग्रामीण पहुंचे और पिता-पुत्र की लाश को देख सन्न रह गए। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर डीएसपी अजय प्रसाद, इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार करमचट, भगवानपुर, बेलांव, सबार पुलिस के साथ पहुंचे।
ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के लिए शव को भभुआ ले जाने से पुलिस को रोक दिया। वह एसपी को घटना स्थल पर बुलाने, हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार करने, मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। एसपी दिलनवाज अहमद पहुंचे और ग्रामीणों व पीड़ितों से बातचीत की। मृतक के परिजनों से एसपी व डीएसपी ने अकेले में भी बात की। प्रखंड प्रशासन ने पारिवारिक लाभ योजना से 20 हजार रुपया व अंत्येष्टि योजना से राशि दिलवाने की बात कही।

एसपी ने हत्यारों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भिजवाया। उन्होंने बताया कि हत्यारे जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे। खून का सैंपल लिया गया है। उसे जांच के लिए पटना लैब में भेजा जाएगा।
गांव की गली तक मिले खून के धब्बे

बंशी के शरीर से निकले खून का छींटा 5-6 फुट की दूरी पर स्थित अनार के पौधे की पत्तियों तक दिखे। आसपास की जगह की मिट्टी व खाट खून से लाल हो गए थे। खून के दाग आसपास के खर-पतवार, गांव में गाड़े गए बिजली के खंभों, ताला बंद घर के दरवाजे आदि जगहों पर मिले। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारे गांव से होकर ही अपने घर गए हैं या फिर गांव के ही लोगों की संलिप्तता है।

हत्यारों ने नहीं छोड़ा है कोई सुराग

हत्यारों ने घटना स्थल पर वैसा कुछ भी सुराग नहीं छोड़ा है, जिसकी मदद से पुलिस अपराधियों तक पहुंच सके। पीड़ित परिवार भी अभी तक किसी पर आशंका नहीं जता सके हैं। हालांकि पुलिस अपने स्तर से मामले की पड़ताल कर रही है। लेकिन, बिना सुराग के अनुसंधान को कितनी गति मिलेगी यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। सूत्र बताते हैं कि दाह-संस्कार के बाद पीड़ितों से हत्यारों के बारे में पुलिस को कुछ जानकारी मिल सकती है।

एसपी ने दिया अफसरों को निर्देश

इस परिवार से एक तथ्य यह भी जुड़ा हुआ है कि बंशी के छोटे बेटे शेषनाथ प्रसाद का अपहरण 13 साल पहले हुआ था। तब पुलिस की दबिश के कारण अपहर्ताओं ने उसे नौ दिनों बाद अपने चंगुल से मुक्त कर दिया था। पुलिस कई बिंदुओं पर अनुसंधान करेगी। एसपी ने इस मामले में कुछ खास निर्देश पुलिस अफसरों को दिया है।

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