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होम क्वारंटाइन में रहने वाले प्रवासियों का किया जाएगा स्वास्थ्य परीक्षण



• स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा गृह भ्रमण कर की जाएगी निगरानी
• पर्यवेक्षकों द्वारा 14 दिनों तक किया जाएगा निरक्षण
• जिला एवं प्रखंड स्तरीय सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

पूर्णियाँ : 27 मई

पनालाल कुमार की रिपोर्ट

लॉकडाउन के चौथे चरण में बहुत सी ट्रेनें खुल चुकी है और बाहर बसे प्रवासियों को उनके घर पहुँचाया जा रहा है. ऐसे समय में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है. सभी क्वारंटाइन कैम्प्स में भी लोगों की संख्या में इजाफा हो गया है. इसे देखते हुए सरकार द्वारा प्रवासियों को होम क्वारंटाइन में रख कर उन्हें 14 दिनों तक प्रतिदिन स्वास्थ्य परीक्षण करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया है. इसके लिए जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल के डीआईओ ऑफिस में सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान उन सभी को बाहर से आये प्रवासियों के जांच, उनसे संबंधित रिपोर्ट्स, खुद की सुरक्षा संबंधी उपाय आदि की जानकारी दी गई. प्रशिक्षण के दौरान सिविल सर्जन, डीआईओ, आरपीएम, डीएएम, एसएमसी, एसएमओ,भीसीसीएम के अलावा सभी केअर व यूनिसेफ अधिकारी उपस्थित रहे.

होम क्वारंटाइन में रहने वाले प्रवासियों की प्रतिदिन होगी स्वास्थ्य परीक्षण :
सिविल सर्जन डॉ मधुसूदन प्रसाद ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के कारण होम क्वारंटीन में भेजे गए सभी प्रवासियों के प्रतिदिन होम क्वारंटीन की आवश्यकता है. हम क्वारंटीन के दौरान अगर व्यक्ति में कोविड-19 संक्रमण से संबंधित कोई लक्षण परिलक्षित होता है, तो पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका सैंपल एकत्रित कर जांच एवं आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय सेवा प्रदान किया जाएगा. इसके लिए पर्यवेक्षक द्वारा 14 दिनों तक प्रवासियों का गृह भ्रमण कर उनके स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की जाएगी. इसके साथ साथ उन्हें होम क्वारंटाइन के दौरान रखने वाली सावधानियों की भी जानकारी दी जाएगी.

पल्स-पोलियो अभियान के तर्ज पर की जाएगी जांच :
प्रवासियों के घर-घर सर्वे अभियान पल्स पोलियो अभियान के तर्ज पर चलाया जा रहा है. 14 दिवसीय परीक्षण के दौरान पर्यवेक्षकों द्वारा  प्रवासियों के घरों में जाकर व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जाएगी. साथ ही प्रवासी व्यक्तियों के घरों पर पर्यवेक्षकों द्वारा होम क्वारंटाइन संबंधी पोस्टर चिपकाया जाएगा और उन्हें होम क्वारंटाइन संबंधी पम्पलेट भी उपलब्ध कराई जाएगी. पर्यवेक्षक द्वारा 14 दिन तक चिपकाए गए पोस्टर पर तिथि सहित हस्ताक्षर किए जाएंगे.

प्रखंड स्तरीय सभी स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण :
प्रवासियों के होम क्वारंटाइन के समय 14 दिनों तक घर घर जाकर जांच सम्बन्धी जानकारी के लिए सदर अस्पताल के डीआईओ कार्यालय में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान यूनिसेफ के सभी बीएमसी, डब्लूएचओ के एफएम, केअर इंडिया के बीएम के साथ ही सभी प्रखंडों के बीसीएम, बीएचएम एवं एमओआईसी तक को इसकी जानकारी दी गई है. पर्यवेक्षक द्वारा जांच क्रम में सर्दी, खांसी व सांस लेने में हो रही कठिनाई आदि की जांच कर इसकी सूची संबंधित स्वास्थ्य कार्यालय में प्रदान की जाएगी. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा ऐसे चिन्हित व्यक्ति को प्रखंड स्तर पर चल रहे क्वारंटाइन सेंटर्स पर ला कर कोविड -19 संबंधित जांच हेतु आवश्यक कार्यवाही करेंगे.


कोविड-19 से बचाव हेतु इन बातों का रखें ख्याल :-
• बिना जरूरत बाहर न निकले 
• हमेशा मास्क का प्रयोग करें.
यदि घर से बाहर निकलना पड़े तब लोगों से 1 मीटर की दूरी जरुर बनायें. 
घर आने के बाद हाथों को 20 सेकंड तक पानी एवं साबुन से धोएं.
बाहर में किसी भी चीज को छूने से परहेज करें.
लॉकडाउन के नियमों के सख्ती से पालन करें.

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