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बिहार के डाकघरों में एक महीने में खुले 18 लाख खाते, इनमें 90 प्रतिशत महिलाओं के



बिहार: लॉकडाउन के दौरान करीब एक माह में डाकघर में 18 लाख लोगों के खाते खुले हैं। इनमें 90 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं। वहीं एक माह में डाकघर से राज्य सरकार की वि्भिन्न योजनाओं के साथ ही केन्द्र सरकार की कुछ योजनाओं को मिलाकर 358 करोड़ रुपए की सरकारी सहायता राशि का भुगतान लाभुकों के खाते में किया गया। इसमें प्रवासी मजदूर लाभ योजना, उज्ज्वला योजना, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, मनरेगा, मातृत्व लाभ योजना और किसान सम्मान निधि योजनाओं की राशि है। 
लॉकडाउन के दौरान डाकघरों में खाते खुलवाने के लिए भीड़ लगी है। खासकर प्रवासी मजदूरों के बिहार आने के बाद तो डाकघरों में खाता खुलवाने के लिए लंबी कतारें लगने लगीं। हर दिन करीब 50 हज़ार खाते खुल रहे हैं। सभी लोगों के इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के तहत खाते खोले जा रहे हैं। पोस्ट पेमेंट बैंक में खाता खोलने में अधिक कागजात की जरूरत नहीं हैं। इसमें खाताधारी को सिर्फ अपना आधार नंबर और अंगूठा का निशान देना पड़ता है और तुरन्त खाता खुल जाता है। खाताधारी का जीरो बैलेंस पर भी खाता खुल रहा है। पोस्ट पेमेंट बैंक के खाते को सेविंग एकाउंट से भी जोड़ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के नौ हज़ार डाकघरों में इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक की सुविधा है। एक माह में इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के द्वारा एक माह में 13 लाख लोगों को 184 करोड़ रुपए सरकारी सहायता राशि भुगतान किया है। उज्ज्वला योजना में एक माह में 4 लाख उपभोक्ताओं को 4.76करोड़ का भुगतान किया गया। 
चलंत बैंक 'आपका बैंक, आपके द्वार' भी शुरू किया गया 
डाक विभाग ने लॉक डाउन में चलंत बैंक 'आपका बैंक आपके द्वार' भी शुरू किया है। इसके तहत एक माह में करीब 12 लाख लोगों को 174 करोड़ सरकरीं सहायता राशि का भुगतान किया है। अगर किसी खातेदारी का दूसरे बैंक में भी खाता है तो इस सिस्टम के तहत उसे पैसे का भुगतान हो रहा है। इसमें 10 हज़ार 500 डाकिए को लगाया गया है। डाकिये को बायोमेट्रिक डिवाइस और मोबाइल से लैस कर दिया गया है। डाकिया खाताधारी से आधार नंबर पूछता है और मोबाइल में आधार नंबर डालने के बाद ओटीपी नम्बर आता है। खाताधारी के अगूंठा का निशान लगाने के बाद पैसे का भुगतान कर  दिया जाता है। 
 अनिल कुमार, चीफ पोस्टमास्टर जनरल, बिहार कहते हैं कि लॉक डाउन ने एक माह में डाकघर में 18 लाख लोगों के खाते खोले गए हैं जिसमें करीब 90 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं। एक माह में 25 लाख लोगों को डाक से 358 करोड़ सरकारी सहायता राशि का भुगतान किया गया है। 

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