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कोटवा प्रखंड के सागर चुरामन गांव स्थित सरकारी तलाब समेत तीन एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमित, 15 लोगों पर प्राथमिकी ।




मोतिहारी/संग्रामपुर से संवाददात संतोष पांडेय की रिपोर्ट

पूर्वी चम्पारण: कोटवा प्रखंड एक तरफ जहां विश्व कोरोना से लड़ रहा है।वही कुछ लोग सरकारी तालाब व सरकारी भूमि को अतिक्रमण कर लगातार हड़पने में लगे हैं।नया मामला प्रखंड के सागर चुरामन स्थित सरकारी तालाब व तीन एकड़ सरकारी जमीन के अतिक्रमण का है।मामले में ग्रामीणों दो दो बार वर्ष 2018 व 2020 में इसे खाली कराने के लिए सीओ को आवेदन सौंपा था। आवेदन में ग्रामीणों ने सागर चुरामन  स्थित सरकारी तालाब समेत लगभग तीन एकड़ सरकारी जमीन  को गांव के ही  लगभग एक दर्जन लोगों द्वारा अतिक्रमित करके आवासीय रूप में उपयोग किये जाने का आरोप लगाया था। उक्त अतिक्रमणकारियों  के पास अपना आवासीय जमीन पूर्व से उपलब्ध हैं।वर्ष 2018 में स्थानीय मुखिया इंदु देवी द्वारा भी ग्रामीणों के आवेदन पर करवाई के लिए अंचल प्रशासन को लिखा गया था। लेकिन करवाई नहीं होते देख एक बार फिर गांव के ही अजय भारती समेत दर्जनों ग्रामीणों ने पिछले 2 मई को अंचलाधिकारी को आवेदन सौप कर तलाब के जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की गई थी।लेकिन करवाई शून्य रहीं।जबकि छठ घाट निर्माण के लिए तलाब की जमीन पर मिटीकरण करवा रहें ग्रामीण अजय भारती व उमेश भारती पर अंचल प्रशासन द्वारा थाने में मामला दर्ज करवा दिया गया। जबकि इनके द्वारा पूर्व से उक्त तालाब की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवा कर उसके जिर्णोदर के लिए बार बार अंचल प्रशासन से लिखित और मौखिक शिकायत की जा रहीं थी। ग्रामीण मुकेश सिंह,संजीत कुमार सिंह,मुन्नी लाल साह, सीताराम भगत,भाग्य नारायण सिंह,महेश महतो,बिंदा महतो,राम बाबू महतो,सीताराम भगत,हरि किशोर भारती समेत कई दर्जन ग्रामीणों का कहना हैं कि एक तरफ सरकार जल संचय के लिए ग्रामीणों क्षेत्रों में सूखे और छिछले सरकारी तालाब को जल जीवन हरियाली योजना के तहत उसके  जीर्णोदार में लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं । मामले में सीओ इन्द्रासन साह ने बताया कि 12 अतिक्रमणकारियों समेत 15 पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। लॉक डाउन समाप्त होने के पश्चात आगे की कर्रवाई होगी

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