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बिहार : लॉकडाउन में बिना वजह घर से बाहर निकले तो दर्ज होगा मुकदमा



लॉकडाउन तोड़नेवालों के खिलाफ पुलिस का एक्शन और सख्त होगा। वैसे लोग जो घर से बाहर निकलने के कारण के आवश्यक साक्ष्य नहीं दे पाएंगे उनके खिलाफ अब मुकदमा दर्ज होगा। पुलिस राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत मामला दर्ज करेगी। थाने से उन्हें जमानत मिलेगी पर कोर्ट खुलते ही तीन महीने में ट्रायल पूरा कराकर सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

शनिवार की देर शाम मुख्य सचिव दीपक कुमार, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी और डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने सभी जिलों के डीएम-एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। डीजीपी के मुताबिक लॉकडाउन का पालन हर हाल में सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। कोई भी व्यक्ति यदि बेवहज बाहर निकलता है तो पुलिस उसके खिलाफ मामला दर्ज करेगी।
बाहर निकलने वाले शख्स के पास इसका वाजिब कारण और साक्ष्य होना चाहिए। नहीं तो राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा। लॉकडाउन खत्म होने से पहले पुलिस ऐसे सभी मामलों में चार्जशीट तैयार कर लेगी। अदालत का काम शुरू होते ही स्पीडी ट्रायल कराने का अनुरोध किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक इस एक्ट में पुलिस को किसी स्वतंत्र साक्ष्य की जरूरत नहीं होती है। गिरफ्तार करने वाला पुलिस अधिकारी ही गवाह होता है। उसी के बयान पर सजा हो सकती है।

कई अधिकारों से वंचित होंगे
भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर केस के बाद उन्हें कोई सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी और वे कई अन्य अधिकारों से भी वंचित हो जाएंगे। उस थाना क्षेत्र में सांप्रदायिक घटना होती है तो उस व्यक्ति का नाम भी उसमें शामिल किया जाएगा।

लॉकडाउन बढ़ने पर भी चर्चा
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान इस बात पर भी विचार-विमर्श किया गया कि लॉकडाउन बढ़ता है तो क्या करना है। इसपर डीएम-एसपी से फीडबैक लिया गया और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

भड़काऊ पोस्ट पर भी केस
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। डीजीपी ने बताया कि डीएम-एसपी को भड़काऊ पोस्ट पर केस करने को कहा गया है। ऐसे लोगों के नाम सांप्रदायिक व्यक्तियों की सूची में डाल दिए जाएंगे।

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