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बिजली आपूर्ति व्यवस्था के निजीकरण का मसौदा तैयार, केंद्र ने राज्यों से मांगी राय



बिहार:बिजली आपूर्ति व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपे जाने पर एक बार फिर केंद्र सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। निजीकरण का मसौदा तैयार हो गया है। बिहार सहित देश के सभी राज्यों को मसौदा भेजकर केंद्र ने राज्यों से राय मांगी है। अगर राज्यों ने इस पर 21 दिनों के भीतर अपनी राय नहीं दी तो उसे इसकी सहमति मान ली जाएगी। निजीकरण होते ही अनुदान खत्म हो जाएगा। इसके बाद लोगों को मौजूदा दर से कहीं अधिक महंगी बिजली मिलेगी।
मसौदा में है यह
बीते 17 अप्रैल को विद्युत मंत्रालय के मुख्य अभियंता घनश्याम प्रसाद की ओर से सभी राज्यों के बिजली कंपनियों के एमडी-सीएमडी को पत्र भेजा गया है। निजीकरण को लेकर तैयार 22 पन्ने के मसौदे में कहा गया है कि यह कानून पूरे देश में लागू होगा। इसमें अनुदान का प्रावधान नहीं होगा। निजीकरण के लिए एजेंसी या संस्था का चयन वितरण कंपनियां करेंगी। राज्य या राज्य के बाहर बिजली भेजने का निर्णय भी कंपनी ही करेगी। गैर परम्परागत ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी एक राष्ट्रीय नीति बनाने का प्रस्ताव मसौदा में है।

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