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रक्त की अनुपलब्धता को देखते हुए केयर अधिकारियों ने किया रक्तदान



सारण से पन्नालाल कुमार की रिपोर्ट

- 15 अधिकारियों द्वारा किया गया रक्तदान
- लॉक डाउन के कारण सदर अस्पताल ब्लड बैंक में कम हो गई थी रक्त की मात्रा
- ब्लड ट्रांसफ्यूजन से कोरोना के संक्रमण का खतरा नहीं
- ब्लड बैंक के बेहतर संचालन के लिए रक्तदान हेतु आगे आएं लोग

पूर्णियाँ : 13 अप्रैल

कोरोना संक्रमण के कारण लगाए गए लॉक डाउन से सरकार ने लोगों को घरों में रहने की अपील की है. इसके कारण लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं. इसके कारण लोगों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान में कमी आ गई है. इसे देखते हुए डीआरयू केयर इंडिया, पूर्णियाँ द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. जिसमें केयर इंडिया टीम, पूर्णियाँ के अधिकारियों ने अपना रक्तदान कर ब्लड बैंक में रक्त की हो रही कमी को दूर किया गया. केयर अधिकारियों ने पूरे 15 यूनिट रक्तदान कर रक्त की कमी को दूर करने की कोशिश की. ज्ञात हो कि केयर इंडिया द्वारा सरकार को कोविड-19 एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में हमेशा से योगदान किया जाता रहा है.

ब्लड बैंक में कम हो गई थी रक्त की मात्रा :
केयर इंडिया के जिला स्तरीय अधिकारी डॉ देवव्रत महापात्रा ने बताया कि जब भी किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सहयोग की जरूरत होती है तो केयर इंडिया द्वारा हमेशा तत्परता से आगे बढ़ कर भाग लिया जाता है. जब हमें जानकारी मिली कि सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में केवल 5 यूनिट रक्त है जो बहुत कम है तो सभी केयर अधिकारियों ने खुद इसके लिए आगे आने हेतु विचार किया. इसके बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केयर द्वारा सिविल सर्जन एवं जिला पदाधिकारी को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया. सिविल सर्जन डॉ मधुसूदन प्रसाद ने इसपर खुशी जताते हुए केयर अधिकारियों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद केयर अधिकारियों ने ब्लड बैंक में रक्तदान किया.

15 अधिकारियों द्वारा किया गया रक्तदान :
केयर इंडिया के जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी रक्तदान के लिए आगे आए. कुल 15 अधिकारियों द्वारा ब्लड बैंक में रक्तदान किया गया. रक्तदान करने वालों में डॉ. देवव्रत महापात्रा, चंदन कुमार, रोहित कुमार सिंह, पिंकी कुमारी, मधुबाला, शुभम, अरुण समेत अन्य अधिकारियों ने भाग लिया. कुछ अन्य केयर अधिकारी भी रक्तदान करना चाहते थे पर लॉक डाउन एवं अपने प्रखंड में कोविड-19 संबंधित दायित्व के कारण उपस्थित नहीं हो सके. उन सभी अधिकारी द्वारा किसी अन्य दिन रक्तदान किया जाएगा.

लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आना चाहिए आगे :
रक्तदान शिविर के दौरान डिटीएल केयर आलोक पटनायक ने कहा कि सभी ब्लड बैंक स्वैच्छिक रक्तदान पर ही निर्भर करता है. ऐसे में जब पूरा देश लॉक डाउन के कारण घरों में कैद है तो ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता में कमी आने तय था. इसलिए केयर के अधिकारियों ने स्वयं आगे आकर रक्तदान करने का निर्णय लिया. इससे ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित हुई. उन्होंने कहा कि बेशक कोरोना के कारण लोगों को घरों में रहना मजबूरी है पर कोरोना के साथ-साथ अन्य बीमारियों से भी लोग परेशान हैं और लोगों को रक्त की जरूरत हो रही है. इसलिये ब्लड बैंक में रक्त का होना जरूरी है. ब्लड ट्रांसफ्यूजन से कोरोना के संक्रमण का खतरा नहीं होता है. इसलिए लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए जिससे कि इस विकट स्थिति में किसी जरूरतमन्द के लिए रक्त की कमी की समस्या न उत्पन्न हो.

ब्लड डोनेशन के दौरान सोशल डिस्टेंसिन्ग का रखा गया ध्यान :

ब्लड डोनेशन के दौरान ब्लड बैंक में सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखा गया. ब्लड बैंक में हेल्थ वर्कस द्वारा संक्रमण रोकथाम के लिए हाथों की सफाई, मास्क, ग्लव्स एवं कैप का इस्तेमाल किया गया. साथ ही इस्तेमाल के बाद मास्क, ग्लव्स एवं कैप को सुरक्षित रूप से डिस्पोज भी किया गया.

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