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कोरोना लॉकडाउन के बीच बोले CM नीतीश- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन किया जाना चाहिए



बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की वकालत करते हुए सोमवार को लॉकडाउन में फंसे लोगों की सहायता के लि मुख्यमंत्री विशेष सहायता अन्तर्गत मुख्यमंत्री राहत कोष से 50 करोड़ रुपये पुनःजारी करने का निर्देश दिया। पटना के एक अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक बैठक में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव संबंधी कार्यों की सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों एवं पुलिस उप महानिरीक्षकों के साथ गहन समीक्षा करते हुए नीतीश ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन किया जाना चाहिये।

बैठक के दौरान 'हर घर नल का जल, 'घर तक पक्की गली-नालियां, 'जल-जीवन-हरियाली के अन्तर्गत तालाबों का जीर्णोद्धार एवं उड़ाही, बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य एवं मनरेगा से संबंधित कार्यों को कुछ प्रतिबंधों के साथ शुरू करने की योजना पर विचार किया गया। रोजगार के इच्छुक व्यक्ति को जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी द्वारा पास निर्गत किया जायेगा। कार्य करने के इच्छुक लोगों को उनके ग्राम पंचायत में ही काम दिया जायेगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण वाले व्यक्ति एवं ऐसा परिवार जिसका कोई सदस्य विगत 15 दिन के भीतर राज्य के बाहर से आया हो, उन्हें पास जारी नहीं किए जाएंगे। बैठक में यह निर्णय लिया गया सभी प्रावधानों को शामिल कर औपचारिक आदेश अलग से जारी किया जाएगा।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल कटनी सुचारु रूप से चलता रहे, यह सुनिश्चित किया जाय, लेकिन इस दौरान सुनिश्चित किया जाए कि लोग एक-दूसरे से उचित दूरी रखते हुए काम करें। उन्होंने कहा कि बैंक जाने वालों को भी एक-दूसरे से उचित दूरी बनाकर खड़े रहना चाहिए। दरअसल तीन दिन के बाद सोमवार को जब बैंक खुले तो वहां खातो से धन निकासी के लिए जमा हुए लोग एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की करते, भीड़ लगाए नजर आए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संक्रमण से निपटने के लिए सभी मिल-जुलकर काम कर रहे हैं, इसमें सबकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी समन्वय सुनिश्चित करते हुए अपनी-अपनी भूमिका का निर्वहन करें, सफलता जरूर मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन का पालन कड़ाई से सुनिश्चित करें, सामाजिक मेल-जोल से दूरी बनाए रखें, इसके प्रति लोगों को जागरुक करें और इस संबंध में माइक लगाकर गांव-गांव प्रचार करें। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमा पर वाहनों की और दूसरे राज्य से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच की जाए, सुनिश्चित किया जाए कि कोई ना छूटे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्हें संक्रमण का जरा भी डर हो, वह तुरंत जाकर केन्द्र पर जांच कराएं, ऐसा करके आप स्वयं को और अपने परिवार को सुरक्षित रखेंगे।

बैठक के दौरान सभी प्रमंडलों के आयुक्तों, रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों एवं पुलिस उपमहानिरीक्षकों ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से लॉकडाउन का पूर्ण पालन, अंतर्राज्यीय सीमाओं पर सख्ती से जांच, भारत-नेपाल सीमा को सील करना, बाजारों में सामाजिक मेल-जोल से दूरी का पालन कराना, पृथक वास में रह रहे लोगों की निगरानी से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।

नीतीश ने लॉकडाउन में फंसे लोगों की सहायता के लिये मुख्यमंत्री राहत कोष से विशेष सहायता के रूप में 50 करोड़ रुपये पुनःजारी करने का निर्देश दिया है। पहले भी इसके लिए 100 करोड़ रुपये जारी किये गये थे। बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान साथ ही सभी प्रमंडलों के आयुक्त, रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े हुये थे।

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