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होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों की नियमित जांच कर रही है आशा कर्मीयाँ


✍️सारण से पन्नालाल कुमार की रिपोर्ट
- 14 दिनों तक प्रतिदिन घर जाकर लेती है 
- होम आइशोलेटेड लोगों को दिया जा रहा मास्क, सेनिटाइजर व साबुन
- क्षेत्र के अन्य लोगों को भी जागरूक कर रही है आशा कर्मीयाँ

पूर्णियाँ : 01 अप्रैल: कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण क्षेत्र में बाहर से आये लोगों को होम आइसोलेशन में रखा जा रहा है. ऐसे लोगों के लिए आशाओं द्वारा प्रतिदिन होम क्वारंटाइन किया जा रहा है. आशा कर्मी अपने क्षेत्र के ऐसे सभी लोगों के घर जा कर उनका ध्यान रख रही हैं. इस दौरान उनके द्वारा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने के अलावा संबंधित जानकारी भी लोगों तक पहुँचाया जा रहा है.



14 दिनों तक किया जाता है होम क्वारंटाइन :
कोरोना से बचने के लिए देश में लॉक डाउन लगाया गया है, क्योंकि यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे में आसानी से फैल जाती है. ऐसे समय में किसी भी क्षेत्र में बाहर से आए लोग विशेष तौर पर विदेश से आये लोगों को 14 दिनों तक होम आइसोलेशन में रखा जा रहा है. इस दौरान उस व्यक्ति को अपने घर में ही रहना है और अपने स्वास्थ्य की नियमित रूप से जांच करानी है. इसके लिए आशाओं द्वारा प्रतिदिन उनके घर जाकर उनका क्वारंटाइन किया जा रहा है. इसमें आशा कर्मी द्वारा उन लोगों की स्वास्थ्य जांच करती है. उन्हें हैंडवाश की जानकारी देते हुए उन्हें हैंडवाश करवाया जाता है. आइसोलेटेड लोगों के घरों में स्टिकर लगाकर आशा कर्मियों द्वारा प्रतिदिन उसपर जांच के बाद हस्ताक्षर करती है.

उपलब्ध कराई जा रही जरूरी सामान :
होम आइसोलेशन में रखे गए लोगों को सभी प्रकार के जरूरी सामान स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है. इसमें मास्क, सैनिटाइजर, 2-2 साबुन इत्यादि उन सभी लोगों को दिया गया है. होम क्वारंटाइन में गई आशा कर्मी प्रतिदिन इसके इस्तेमाल करने के तरीकों की जानकारी देने के साथ ही उनसे हैंडवाश भी करवाया जाता है. सभी लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी प्रतिदिन आशा द्वारा जिला स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाता है.

क्षेत्र के लोगों को कर रही जागरूक :
होम क्वारंटाइन के साथ ही आशा कर्मियों द्वारा क्षेत्र के लोगों को कोरोना के विषय पर जागरूक भी किया जा रहा है. लॉक डाउन के दौरान सभी को घरों में ही रहने, हमेशा हैंडवाश करने, साफ़-सफाई पर ध्यान देने, नाक-मुँह को ज्यादा हाथ न लगाने इत्यादि की जानकारी आशा कर्मीयाँ क्षेत्र के लोगों को दे रही है. इसके साथ ही क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों या बाहर से आए लोगों की जानकारी ले कर  स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने का काम भी आशाओं द्वारा किया जा रहा है.


होम क्वारंटाइन में इन बातों का रखें ध्यान: 

संदिग्ध व्यक्ति को अपने घर में अपने परिवार से अलग हवादार कमरे में रहे, जिसमें बाथरूम एवं टॉयलेट कमरे से ही जुड़ा हो.
• अगर किसी अन्य सदस्य को उसी कमरे में रहना पड़े तो कम से कम 1 मीटर की दूरी जरुर रखें.
मरीज द्वारा मास्क का प्रयोग किया जाए, जिसे प्रत्येक 6 से 8 घंटे के बाद बदला जाए. मास्क को अच्छी तरह से निस्तारण किया जाए.
व्यक्ति हाथ की निरंतर साफ़-सफाई करे. इसके लिए हैण्ड वाश, साबुन या अल्कोहलयुक्त सेनेटाईजर का उपयोग करे. 
संदिग्ध व्यक्ति के इस्तेमाल किये कपडे को परिवार के अन्य कपड़ों से अलग डिटरजेंट से साफ़ करने के बाद एवं अलग से सूखा कर ही उपयोग में लाया जाए. 
संदिग्ध व्यक्ति की देख-रेख के दौरान परिवार वालों को हमेशा 1 मीटर की दूरी बनाये रखना चाहिए.
संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क में आए तथा उनके द्वारा उपयोग किये जा रहे सभी चीजें जैसे कपडे, बर्तन, सतह, टॉयलेट एवं कमरा आदि को ग्लोब्स पहनकर डिटरजेंट, डेटोल या लाईजोल से साफ़ किया जाए. 
• ग्लोब्स का इस्तेमाल करने के बाद भी हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें.

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