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चकिया के बच्चे में जेई नहीं एईएस की पुष्टि


पूर्वी चंपारण के चकिया प्रखंड के एमादपट्टी गांव के दो वर्षीय अरहान की रीढ़ के पानी की लैब जांच में जेई की पुष्टि नहीं हुई है। इसकी रिपोर्ट जारी कर दी गयी है। दो दिन पहले उसके ब्लड की लैब जांच हुई थी, जिसमें जेई पॉजिटिव निकला था। हालांकि, बच्चे की पैथोलॉजी रिपोर्ट में हाइपोग्लेसिमिया की पुष्टि हुई। इससे उसे एईएस का मरीज घोषित कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट पटना भेज दी गयी है।
डॉक्टरों का कहना है कि सुधार हो रहा है, लेकिन कुछ तकनीकी पक्षों को लेकर गहन मॉनिटरिंग हो रही है। इस बारे में अधीक्षक डॉ. एसके शाही ने बताया कि लैब रिपोर्ट आ गयी है। रीढ़ के पानी में जेई नहीं निकला है। इधर, जिला वैक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल अधिकारी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि जेई नहीं है। एईएस की श्रेणी में रखा गया है। जिन बच्चों को जेई का टीका लगता है, उसके ब्लड की जांच करायी जाये तो उसमें जेई निकलता ही है। इसलिए इसके होने की पुष्टि तभी होती है, जब रीढ़ के पानी में वायरस हो। उन्होंने गुरुवार को जारी लैब रिपोर्ट पटना मुख्यालय को भेज दी है।  
गौरतलब है कि 31 मार्च को चमकी-बुखार से पीड़ित तीन बच्चों के ब्लड की जांच बायरोलॉजी में हुई थी। इनमें अरहान में जेई की पुष्टि हुई थी, लेकिन रीढ़ के पानी की लैब रिपोर्ट में पुष्टि नहीं हुई। वह एसकेएमसीच में भर्ती होने वाला तीसरा एईएस मरीज है।

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