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कोरोना लॉकडाउन के बीच वैशाली से मित्र के परिजन को लाने वाले इंस्पेक्टर पर गिरी गाज, निलंबित



पूर्णियाँ: एक तरफ जहां पूरे राज्य के स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी कोरोना को लेकर ड्यूटी में मुस्तैद हैं। वहीं जिले के एक सर्किल इंस्पेक्टर द्वारा नियम कानून की धज्जियां उड़ा दी गयी। वरीय अधिकारियों को बिना सूचना दिए वैशाली से एक दोस्त के परिजन को पूर्णिया ले आये।

हद तो तब हो गयी, जब जानकारी मिली के वे स्वयं सरकारी गाड़ी से लाने के लिए गए थे। इसी आरोप में एसपी के रिपोर्ट पर आईजी ने धमदाहा के सर्किल इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है।
बताया जाता है कि धमदाहा सर्किल इंस्पेक्टर अमर प्रताप सिंह रूपौली थाना क्षेत्र के आझोकोपा के रहने वाले एक मित्र के परिजन को लाने के लिए 25 अप्रैल की रात को वैशाली सरकारी गाड़ी से गए थे। 26 अप्रैल को दोस्त के परिजन को लेकर वापस आए थे। इस मामले की सूचना धमदाहा एसडीपीओ प्रेमसागर को मिली और उनके द्वारा इस मामले की जांच पड़ताल की गई। मामला सत्य पाया गया। एसपी ने भी इस मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए एसडीपीओ धमदाहा से दोबारा जांच करवायी।

धमदाहा एसडीपीओ ने इंस्पेक्टर के दोस्त के परिजन से पूछताछ की थी। एसडीपीओ ने मामला सत्य पाए जाने पर इसकी रिपोर्ट एसपी को सुपुर्द किया था। एसपी ने एसडीपीओ के जांच रिपोर्ट के आलोक पर निलंबन के लिए आईजी विनोद कुमार को लिखा था। एसपी के आदेश पर आईजी ने सर्किल इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित कर दिया है। सर्किल इंस्पेक्टर एपी सिंह ने बताया कि मैं हाथ में दिक्कत होने के कारण वैध के पास रूपौली थानाक्षेत्र के टीकापट्टी गया था। बेवजह मुझे परेशान किया जा रहा है।


पूर्णिया एसपी के रिपोर्ट पर धमदाहा के सर्किल इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। - विनोद कुमार, आईजी, पूर्णिया प्रक्षेत्र


बिना किसी सूचना के धमदाहा इंस्पेक्टर ने सरकारी गाड़ी को लेकर मित्र के परिजन को लाने के लिए वैशाली गए थे। मामले की सूचना मिलने पर धमदाहा एसडीपीओ से इस मामले की जांच करवाई गई थी और मामला सत्य पाया गया था। -विशाल शर्मा, एसपी पूर्णिया

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