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कोरोना महामारी से लड़ने में जिला प्रशासन पूरी तरह सक्षम: जिला प्रशासन



पूर्णियाँ से पन्नालाल कुमार की रिपोर्ट
बिहार/ पूर्णियाँ : 21 अप्रैल विश्व व्यापी कोरोना महामारी से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. इसके लिए प्रशासन द्वारा हर जरूरी कार्य किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े.  ये बातें वार्ता में जिला प्रशाशन की तरफ से बताई जा रही थी। वार्ता में  डीपीआरओ की तरफ से कहा गया   जिले में अलग अलग जगह क्वारंटाइन कैम्प लगाकर लोगों को आइसोलेशन कराया जा रहा है. इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी हर जगह मुस्तैदी से संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जा रही है. आशाओं द्वारा घर-घर जा कर लोगों का सर्वे किया जा रहा है. इसमें बाहर से आए लोगों और गम्भीर बीमारियों से ग्रसित संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है.

क्वारंटाइन के लिए गावों में लगाए गए हैं 42 कैम्प :
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बाहर निकलने व सामाजिक दूरी बनाए रखने का निर्देश जारी किया गया है, लेकिन ऐसी स्थिति में भी बहुत से लोग बाहर से अपने घर वापस लौट रहे हैं. ऐसे लोगों को घर जाने से पहले 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रखा जा रहा है. इसके लिए गाँव स्तर पर 42 कैम्प लगाए गए हैं जहां 726 व्यक्तियों को क्वारंटाइन में रखा गया है. इसके अलावा 16 होटलों को भी क्वारंटाइन के लिए अधिसूचित किया गया है.

160 संदिग्ध व्यक्तियों की हुई सैंपल जांच :
जिले में बाहर से आए व्यक्तियों की कुल संख्या 6078 है, जिसमे से 5924 व्यक्ति देश के अलग अलग हिस्सों से और 154 व्यक्ति विदेशों से आए हैं. इसमे 5342 व्यक्तियों को जांच के बाद होम क्वारंटाइन में रखा गया है. जिले के 160 संदिग्ध व्यक्तियों की सेम्पल जांच  कराई गई है, जिसमें 146 की रिपोर्ट आ गई है. इन सभी 146 व्यक्तियों की रिपोर्ट नेगेटिव रही है. अभी जिले के 291 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है जिसमें 271 देश के अलग शहरों से जबकि 20 विदेशों से आए हुए व्यक्ति हैं. जिला में अब तक एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं पाए गए हैं.

प्रवासी मजदूरों को दी जा रही सहायता राशि :
सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों को लॉक डाउन के दौरान कठिनाई नहीं हो इसके लिए सहायता राशि दी जा रही है. इसके लिए जिला स्तर पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है. जिले में अभी तक कुल 30093 आवेदन भेजे गए हैं, जिसमें से 24463 आवेदन को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है. ऐसे लोगों को सहायता राशि ऑनलाइन उनके बैंक एकाउंट में भेजी जा रही है.

आशाओं द्वारा किया जा रहा घर-घर सर्वे :
सिविल सर्जन डॉ मधुसूदन प्रसाद न कहा कोरोना से संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के लिए आशाओं द्वारा घर-घर जा कर सर्वेक्षण किया जा रहा है. सभी घरों में कोरोना के संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है. अब तक कुल 50231 घरों का सर्वे आशा कर्मियों द्वारा किया जा चुका है, जिसमें से कुल 263216 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है. सर्वे कार्य के लिए आशा कर्मियों को राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा कोविड-19 फॉर्म उपलब्ध कराये गये हैं. इसमें तीन स्तरों पर सूचना उपलब्ध कराने का काम किया जाना है. इसके मद्देनजर स्वास्थ्य कर्मी घरों में जाकर लोगों से पूछताछ कर रहे हैं.

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