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सनसनीखेज खुलासा! नौकरी के नाम पर निजी कंपनी में बंधक बना काम करवाने का खेल




सहरसा में बड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर लाया जाता है फिर उसे सामानों को बेचने का काम दे दिया जाता है। अगर काम करने में आनाकानी की जाती है तो उसे घर में बंद कर दिया जाता है। इसका खुलासा लॉकडाउन के आरा जिले के चार कर्मी के घर लौटने के दौरान बनगांव में हुआ है।

पैदल अपने घरों को जा रहे निजी कंपनी के चार कर्मी सोमवार को बनगांव के पास मिले जिसके बाद उसने आपबीती सुनाई। आरा जिला के रहने वाले मनोज कुमार, राज कुमार,मुकेश कुमार एवं राहुल कुमार ने बताया कि हमसे पूर्व मेरा कई साथी यहां कार्य करता था। उसके माध्यम से फोन करवा टाटा कम्पनी के ब्रांच में कम्प्यूटर चलाने तो किसी को मोहर बनाने तथा ऑफिस में कार्य करने के नाम पर बुलवाया। लेकिन यहां आने के बाद हम चारों को शहर के सिमराहा स्थित एक मकान में रखा गया।
प्रत्येक दिन तीन घंटा क्लास में जानकारी देने के बाद ग्लेज इंडिया में मार्केटिंग का कार्य करवाया जाता था दूसरे ग्रुप से भेंट मुलाकात नहीं होने देता था। सभी पर सीनियर की सदैव नजर रहती थी। घर के बाहर रात में ताला लगा बंधक बना कर रखा जाता था। अक्टूबर से अभी तक वेतन भी नहीं दिया गया है। उन्होंने रविवार की रात सभी के सोने के बाद चुपचाप रखी चाभी से घर में लगे ताला खोलकर भागने की बात कही। 31 मार्च को भी 12 कर्मियों ने इसी तरह का आरोप लगाया था। बनगांव थाना के एएसआई एन के सिंह ने सभी का मेडिकल जांच करवाया।

एसपी की छापेमारी में हुआ था भंडाफोड़:
शहर के कोसी चौक स्थित ग्लेज इंडिया कपंनी में पूर्व में भी छापेमारी हो चुकी है। वर्ष 2018 दिसंबर महीने में नौकरी  के नाम पर ठगी का शिकार दानापुर निवासी युवक राजकुमार की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार के नेतृत्व में ग्लेज ट्रेडिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में छापेमारी हुई थी। इस दौरान कंपनी के कार्यालय से कई  संचालकों को गिरफ्तार किया गया था।
इस संबंध में कंपनी के एक वरीय अधिकारी विवेक कुमार ने फोन पर बताया कि कर्मियों को रुपया नहीं दिया गया है। लाकडाउन के बाद उनका रुपया दिया जाएगा।

एसडीपीओ का बयान
पूर्व में इस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस बार अभी तक आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रभाकर तिवारी, सदर एसडीपीओ

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