बिहार में जो लोग दूसरे राज्यों से आए हैं, उन्हें गांव के स्कूलों में कम से कम 14 दिनों तक रखने की व्यवस्था की गई है. साथ ही स्कूलों में उनके खाने और पीने की व्यवस्था भी की गई है, लेकिन उन्हें अपने परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा हैं.