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रामगढ़वा:- दूसरे प्रदेशों में फंसे लोगों के लिए परिजन चिंतित


कोरोना के खतरे को लेकर हर कोई सहमा है। इसके कारण एक ओर जहां बड़ी संख्या में लोग घर लौट चुके हैं। वहीं दूसरी ओर अभी भी बड़ी तादाद में लोग दूसरे राज्यों में घर नहीं आ सके हैं। रामगढ़वा प्रखंड के गांवों के सैकड़ों लोग देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हैं ।जिनके सामने एक तरफ कोरोना वायरस का खौफ है तो दूसरी तरफ परिवार व बाल बच्चों की चिंता सता रही है । प्रखंड के आमोदेई पंचायत के विशम्भरापुर, बैरिया पंचायत के जूमाई टोला ,अधकपरिया, जैतापुर के सिसवनिया ,रामगढ़वा सहित अन्य ग्रामीण इलाकों के लोग हरियाणा, मुंबई, केरल, दिल्ली में रह रहे अपने लोगों के लिये बेहद चिंतित हैं। वे लोग आने का साधन नहीं होने व लॉक डाउन के कारण घर नहीं आ पा रहे। गुजरात में रह रहे श्याम शंकर कुमार के पिता ने फोन कर उनका हालचाल जाना।
मुंबई में रह रहे विशम्भरापुर निवासी नूर आलम ने दूरभाष पर बताया कि वे अपने साथियों के साथ डेरा में हैं। फर्म का मालिक पैसा दे रहे हैं। जिससे राशन खरीद कर भोजन तो मिल रहा है लेकिन गांव की याद आ रही है ।केरल में रह कर मजदूरी करने वाले कई लोगों ने बताया कि हमनी के परिवार के चिंता त बढ़ले बा। लेकिन ई भगवान के कोप से बाचल जाई त घरे आवल जाई । वहीं पुणे में रह रहे अशरफ देवान, हरेंद्र पासवान,रमेश पासवान ने कहा कि 22 मार्च से काम बंद कर दिया है। घर में किसी प्रकार समय निकल रहा है। वहीं, नुरुल हक ने कहा वह लोग अपने साथियों के साथ राज मिस्त्री का कार्य करते हैं ।लेकिन कम बन्द होने व लॉक डाउन होने के कारण हमलोग अभी घर नहीं जाएंगे ।पैदल कौन जाएगा ।बहरहाल इन मजदूरों के दूसरे प्रान्तों में फंस जाने के कारण इनके परिजन काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं। वहीं इस सम्बंध में बीडीओ राकेश कुमार ने बताया कि सरकार व्यवस्था कर दी है । जो जहां हैं सरकार उनकी निगरानी कर रही है ।

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