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पूर्णियाँ:-कोरोना संक्रमण के बीच नवजात की देखभाल पर भी दें ध्यान



सारण से पन्नालाल कुमार की रिपोर्ट

बिहार/ पूर्णियाँ /29 मार्च:कोरोनावायरस संक्रमण की ख़बरें हर तरफ से आ रही है. इस बीच सभी का ध्यान इस संक्रमण से बचाव का अधिक हो चुका है, जो जरुरी भी है. लेकिन ऐसे में नवजात की देखभाल भी उतना ही जरुरी हो जाता है. कोरोनावायरस को लेकर लॉकडाउन की स्थिति में नवजात की सेहत ख़राब होने पर चुनौतियाँ बढ़ सकती है. इस लिहाज से नवजात को बीमार होने से बचाने की भी अधिक जरूरत है ताकि लोगों को अपने नवजात को दिखाने के लिए अस्पताल जाने की नौबत नहीं आए.

स्तनपान को रखें नियमित :
सिविल सर्जन डॉ मधुसूदन प्रसाद ने कहा शिशु के लिए स्तनपान अमृत समान होता है. 6 माह तक केवल स्तनपान करने से शिशु कई गंभीर बीमारियों जैसे डायरिया एवं निमोनिया से बचा रहता है. साथ ही इससे शिशु के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का भी विकास होता है. कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए नवजात देखभाल की जरूरत अधिक बढ़ जाती है. इसके लिए परिवार वालों को सावधानियां बरतने की जरूरत है ताकि नवजात को कोई भी संक्रमण ना हो सके.

इन बातों का रखें विशेष देखभाल:

अधिक से अधिक बार बच्चे को स्तनपान कराएँ
स्तनपान कराने से पहले माताएं अपनी स्वच्छता का ख्याल रखें. हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोकर एवं साफ़ कपडे पहनकर ही बच्चे को स्तनपान कराएँ
घर के किसी सदस्य में सर्दी, खाँसी या बुखार के लक्षण हों तो बच्चे को स्पर्श ना करें
नवजात को गर्मी के कारण स्नान नहीं कराएँ
बच्चे को साफ़ कपडा ही पहनाएं
बच्चे को घर से बाहर नहीं ले जाएँ

संक्रमण की स्थिति में माता बरतें सावधानी:

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोवीड-19 से संक्रमित माताओं द्वारा स्तनपान कराने से संक्रमण का प्रसार बच्चे तक नहीं होता है. लेकिन इसके लिए संक्रमित माता को विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
बेहतर श्वसन स्वच्छता के साथ सुरक्षित रूप से स्तनपान करें
अपनी नवजात शिशु की त्वचा को पकड़ कर रखें
अपने बच्चे के साथ एक अलग कमरा साझा करें
अपने बच्चे को छूने से पहले और बाद में अपने हाथों को अच्छी तरह साफ़ करें
स्पर्श करने वाले सभी सतहों की भी नियमित सफाई करें

बेहतर देखभाल कम करेगी आपकी चुनौती:

कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर देश के सभी राज्यों में लॉकडाउन की घोषणा की गयी है. इसलिए यदि ऐसी स्थिति में आपके नवजात की सेहत बिगडती है तब समस्या बढ़ सकती है. इसके लिए जरुरी है कि नवजात की घर पर ही अच्छे से देखभाल की जाए. इसमें स्तनपान के साथ कंगारू मदर केयर एक प्रभावी उपाय हो सकता है. इससे नवजात में हाइपोथर्मिया की समस्या से भी निज़ात मिलेगा एवं कम वजन के बच्चों के वजन में भी वृद्धि होगी. यदि नवजात को डायरिया की भी समस्या होती है तब घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसे में नवजात को स्तनपान कराते रहना चाहिए. 6 माह से कम उम्र के बच्चों को ऊपर से पानी या किसी और पेय पदार्थ को देने से बचना चाहिए. यदि तब भी डायरिया प्रबंधन नहीं हो पाए, तब चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.

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