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पुलवामा में शहीद जवान की पत्नी से लाखों की ठगी, घर का सपना टूटा, 11 महीने बाद FIR दर्ज

 

 

साल 2016 में आतंकवादियों ने पुलवामा के पंपोर में हमला किया था, जिसमें संजय सिंह समेत आठ जवान शहीद हो गए थे। जवानों की शहादत के बाद सरकार की तरफ से परिजनों को आर्थिक मदद पहुंचाई गई थी।

 

कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के सबइंस्पेक्टर की पत्नी नेब सराय में ठगी की शिकार हो गई। पति की शहादत के बाद पीड़िता को सरकार से मदद के रूप में 20 लाख रुपये मिले थे, जिसे सोने में निवेश के नाम पर आरोपी ने ठग लिए। पीड़िता ने शिकायत की, जिसके 11 महीने बाद अब पुलिस ने ठगी और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

 

जानकारी के अनुसार, पीड़िता नीतू सिंह दो नाबालिग बच्चों के साथ दक्षिणी दिल्ली के खामपुर में रहती हैं। वह मूलत यूपी के जौनपुर की रहने वाली हैं। उनके पति संजय सिंह सीआरपीएफ में एसआई थे जिनकी तैनाती कश्मीर में थी। 2016 में आतंकवादियों ने पुलवामा के पंपोर में हमला किया था, जिसमें संजय सिंह समेत आठ जवान शहीद हो गए थे।

 

जवानों की शहादत के बाद सरकार ने परिजनों को आर्थिक मदद दी थी। नीतू सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि उन्हें सरकार से 20 लाख रुपये मिले थे। पति के शहीद होने के बाद उनकी पेंशन से नीतू सिंह दोनों बच्चों की देखरेख कर रही हैं।

 

नीतू सिंह ने बताया कि देवली में ब्लू स्टार ज्वेलर नाम से एक शोरूम है, जिसके मालिक कुशल कंवर ने उनसे कहा कि बैंक में जमा रुपये पर ब्याज कम मिलता है। आप सोने में निवेश कर दीजिए तो ज्यादा फायदा होगा। पीड़िता को विश्वास में लेकर कुशल कंवर ने रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए लेकिन एक साल तक कोई रिटर्न नहीं दिया। इसके बाद पीड़िता ने कुशल कंवर से पूछा तो उसने कहा कि सोने के दाम गिर गए हैं, जिससे निवेश की रकम कम हो गई है। फिर उसने रुपये लौटाने से भी इनकार कर दिया।

 

शहीद के फौजी भाई को पुलिस ने किया परेशान
पीड़िता के देवर सुधीर सिंह ने बताया कि पूरे मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस को सितंबर 2021 में की गई थी। पुलिस ने जांच करने के नाम पर उन्हें थाने में कई बार बुलाया। वह खुद भी स्थिति जानने के लिए कई बार थाने गए लेकिन उन्हें हर बार वापस भेज दिया गया। वह जिला पुलिस उपायुक्त समेत अन्य कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिले। लगातार दौड़ने पर करीब 11 महीने बाद नेब सराय थाना पुलिस ने 19 अगस्त को एफआईआर दर्ज की है।

 

घर का सपना टूटा
सुधीर ने बताया कि वह बीएसएफ में हैं। 2016 में उनके भाई आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। सरकार ने परिवार की मदद की। इस रकम से भाभी अपना घर बनाना चाहती थीं लेकिन ठगी के चलते सपना टूट गया।

 

 

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